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ऑस्ट्रेलिया के महान आदिवासी नेता यूनुपिंगु का 74 वर्ष की आयु में निधन

Posted on April 4, 2023 - 11:25 am by

ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में से एक यूनुपिंगु का 74 वर्ष की आयु में उत्तरी क्षेत्र में निधन हो गया है. यूनूपिंगु एक लंबी बीमारी से जूझ रहे थे. यूनुपिंगु भूमि अधिकारों की लड़ाई और ऑस्ट्रेलिया में स्वदेशी लोगों की संवैधानिक मान्यता में अग्रणी थे.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीस ने गुमत्ज जनजाति के नेता यूनुपिंग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह एक महान नेता और राजनेता थे.

कौन थे यूनुपिंग

युनूपिंग का पूरा नाम गलारवु यूनुपिंगु(30 June 1948 – 3 April 2023) है. यूनुपिंगु ने 1960 के दसक में आदिवासियों के भूमि अधिकार आंदोलन में प्रमुखता से उठाया था, यह ऑस्ट्रेलियाई कानून का पहला मामला था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के आदिवासियों ने मूल जमीनी पट्टे के अधिकारों का स्वाद चखा. इसके बाद अगले 50 वर्षों में युनुपिंगु ने लगातार सरकारों को सलाह देते रहे. इसके अलावा यूनुपिंगु एक गायक, कलाकार भी थे. वे आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते रहे.

उन्होंने नॉर्दर्न लैंड काउंसिल की स्थापना में मदद की. नॉर्दर्न लैंड काउंसिल एक नॉर्दर्न टेरिटरी के सबसे बड़े पारंपरिक जमीन मालिकों का प्रतिनिधित्व करती है. इसके अलावा योथु यिंदी फाउंडेशन बनाने में भी मदद की. यह फांउडेशन आदिवासी आस्ट्रेलियाई लोगों के लिए वकालत करने वाली शीर्ष संस्थाओं में से एक है.

वर्ष 1985 में आदिवासी समुदाय के लिए उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल दिया गया. हाल के वर्षों में उन्होंने वॉयस टू पार्लियामेंट के माध्यम से आदिवासियों के संवैधानिक मान्यता की वकालत की, जिस पर इस साल के अंत में एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह होगा.

उत्तरी भूमि परिषद (Northern land Council) की ओर से एक प्रेस बयान जारी किया गया. जिसमें कहा गया,”आज हम एक महान नेता, राजनेता और पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं.”

उत्तरी भूमि परिषद के अध्यक्ष डॉ. सैमुअल बुश ब्लानासी ने पूर्व और वर्तमान सदस्यों और कर्मचारियों की ओर से ने यूनुपिंगु के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.”

उन्होने कहा, “यूनुपिंगु के पास उत्तरी भूमि परिषद के दिल में हमेशा एक विशेष स्थान होगा. उन्होंने हमारे लगभग आधे अस्तित्व के लिए अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. इस साल हमारी 50वीं वर्षगांठ है. हम उनकी महान विरासत का हिस्सा हैं. यूनुपिंगु ने 1977 से 1980 और 1983 से 2004 में 24 वर्षों तक फैले एनएलसी(Northern land Council) अध्यक्ष के रूप में आठ पदों पर कार्य किया.

उन्होंने आगे कहा, “वह भूमि अधिकारों के लिए लड़ाई की अग्रिम पंक्ति में थे. वे दिन कठिन थे. लेकिन वह सख्त था. सरकारों और सभी ने हमारा हर तरह से विरोध किया. वह कई बार सड़कों पर, कैनबरा और उच्च न्यायालय में लड़ाई को लेकर गए. बहुत से लोगों को आज याद नहीं है कि यह कैसा था. लेकिन हम करते हैं और हम कभी नहीं भूलेंगे.

नॉर्दर्न लैंड काउंसिल के सीईओ मार्टिन-जार्ड ने कर्मचारियों से कहा कि वे इस समय का उपयोग यूनुपिंगु की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर विचार करें. साल 1963 में यूनिपिंग को यिरकला बार्क के याचिकाओं से लेकर साल 1988 में जमीन के लिए दिए गए प्रेरणा के लिए जाने जाते हैं. वे काउंसिल की रणनीतिक नीति में भूमि और समुद्री अधिकार के लिए सक्रिय भूमिका में थे.

मार्टिन जार्ड ने कहा, “Active land Rights’ शब्द को पहली बार यूनुपिंगु के द्वारा उपयोग किया गया था और इसे लंबे समय के भविष्य की दिशा के आधार के रूप में देख रहे हैं. यूनुपिंगु के बारे में यह कहना सही होगा कि अगर हमने दूर तक देखा है, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि हम इस विशाल पेड़(बड़े नेता) के कंधों पर खड़े हैं.”

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